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| Photograph by the author. |
तो
बस अभी..
हाँ
बस अभी अभी..
कुछ
तो हुआ..
कुछ
जादूभरा...
हाथों
में थे जूठे बर्तन और नारंगी
स्क्रब और उस स्क्रब पर लगा
झाग...
तभी
उस झाग के चंगुल से खुद को
छुड़ाकर एक नन्हा सा बुलबुला
कुछ ऊपर उठा और उठता चला गया...
और
वो उड़ता ही चला गया उस दरवाज़े
की ओर जोकि गुसलखाने की तरफ
खुलता था...
फिर
वो नन्हा सा बुलबुला कुछ नीचे
को आया,
और
हमारे दिल में एक धक्क सी हुई
के अब ये न बचेगा...
और
वो नीचे की ओर तैरता चला गया,
ना
जाने क्या था उसके अन्दर...
फिर
ऊपर उठा थोड़ा यहाँ-वहाँ
मटका और हौले-हौले
वापस नीचे बड़े प्यार से नारंगी
टाइल पर आकर उसकी दरार में घुल
गया...
जाते
जाते हमारे मन की बात को और
पक्का कर गया कि यह जीवन चाहे
एक पल का हो पर उसका सफ़र कैसा
रहा यही मायने रखता है...
Kadambari is a second year student in the MA in Social Work programme at TISS, Mumbai.

gazab!
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